जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 20 शिकायतें प्राप्त हुईं।
प्राप्त शिकायतों में सर्वाधिक मामले सड़क अवसंरचना, पशुपालन, शिक्षा, विद्युत, पेयजल एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित रहे। जिलाधिकारी ने इन विभागों को विशेष प्राथमिकता के साथ समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनता दरबार के दौरान ही जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। जिन अधिकारियों का कॉलिंग प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम है, उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश भी दिए गए।
समाचार पत्रों में प्रकाशित जनसमस्याओं का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया तथा शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता के विरुद्ध अनुपस्थित होने के कारण विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए, जबकि अनुपस्थिति के चलते जिला क्रीड़ा अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय एवं बेहतर योजना के साथ कार्य करें तथा चालू वित्तीय वर्ष के लिए अपनी कार्ययोजनाएं पूर्व से तैयार रखें, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग पूर्व से सतर्क रहकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को कार्यालय समय का कड़ाई से पालन करने तथा निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
