प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर “जन सेवा” थीम पर आयोजित चिकित्सा और बहुउद्देश्यीय शिविरों का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। 23 मार्च से 30 मार्च तक जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित इन शिविरों में नागरिकों को सरकार की योजनाओं,नीतियों और उपलब्धियों से अवगत कराया गया। वहीं आमजन ने शिविरों का लाभ उठाकर अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी। रविवार को विधानसभा कपकोट के अमर शहीद नरेंद्र कुमार सिंह राइंका बनलेख में आयोजित शिविर का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक सुरेश गढ़िया एवं जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। यह शिविर सरकार और जनता के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बना,जिसमें जनसरोकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। चिकित्सा शिविर में 13 दिव्यांगजनों को दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किए गए तथा चार लोगों को जीवन सहायक उपकरण वितरित किए गए।
विधायक सुरेश गढ़िया ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के लिए समर्पित है। उन्होंने कपकोट को एक आदर्श विधानसभा क्षेत्र बनाने के लिए सभी से मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि देश के विकास से ही प्रदेश,गांव और विधानसभा का विकास संभव है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश ने पिछले तीन वर्षों में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के युवाओं के प्रदर्शन ने पूरे देश में एक मिसाल कायम की है। विधायक ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सड़कों के सुधार,शिक्षा,स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने और हर जरूरतमंद तक लाभ पहुंचाने के लिए काम करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने जनपद में आयोजित चिकित्सा एवं बहुउद्देश्यीय शिविरों के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने सरकार की तीन वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया, जिसका अनुसरण अब अन्य राज्य भी कर रहे है। जिलाधिकारी ने सशक्त भू-कानून को एक ऐतिहासिक कदम बताया,जिससे राज्य के निवासियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी रोजगारपरक योजनाओं की चर्चा की जो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है।
जिलाधिकारी ने जनपद में उद्यान और मत्स्य पालन के क्षेत्र में हुई प्रगति और स्थानीय उत्पादों के विपणन में स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की सराहना की। साथ ही,माइक्रो फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने सुशासन और लोक कल्याण को प्राथमिकता देते हुए लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और लापरवाह विभागों पर सख्त कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताई। शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए संचालित 1905 हेल्पलाइन और “हैलो बागेश्वर” जैसी पहलों की जानकारी देते हुए उन्होंने जनसेवा को सरकार की प्राथमिकता बताया।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी,जिला समाज कल्याण अधिकारी जसमीत कौर,पूरन सिंह गढ़िया,खंड विकास अधिकारी ख्याली राम,संजय शाह जगाती,खड़क सिंह चौहान,योगेश हरड़िया,कुंदन सिंह, निर्मल गढ़िया,बहादुर सिंह खाती,हरीश मेहता सहित अन्य अधिकारी,जनप्रतिनिधि और स्थानीय जनता उपस्थित रही।

