आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया, गांव में पसरा मातम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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बागेश्वरः जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सोमवार को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया शहीद हो गए। 43 वर्षीय गजेंद्र सिंह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित टू-पैरा कमांडो यूनिट में तैनात थे। किश्तवाड़ जिले के श्रीपुरा (सिंहपोरा) क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन के दौरान वे वीरगति को प्राप्त हुए। शहादत की खबर मिलते ही पूरे बागेश्वर जिले में शोक की लहर दौड़ गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी। उनके माता-पिता खेती-किसानी कर किसी तरह जीवनयापन करते हैं, जबकि छोटा भाई एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक हैं, जहां से मिलने वाला मानदेय परिवार की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं है। गजेंद्र सिंह की शहादत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

शहीद जवान की पत्नी लीला गढ़िया बच्चों की पढ़ाई के लिए देहरादून में किराये के मकान में रह रही थीं। उनके दोनों बेटे राहुल और धीरज कक्षा चार में पढ़ते हैं। पिता की शहादत की खबर सुनते ही दोनों बच्चे सदमे में हैं और बार-बार अपने पिता को याद कर रो रहे हैं। पत्नी लीला गढ़िया का रो-रोकर बुरा हाल है और वे बार-बार बेसुध हो रही हैं।

जानकारी के अनुसार शहीद गजेंद्र सिंह गढ़िया का पार्थिव शरीर 20 जनवरी को हेलीकॉप्टर से केदारेश्वर मैदान लाया जाएगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। इससे पहले शहीद की पत्नी और दोनों बेटे हेलीकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड पहुंचे, जहां से उन्हें टैक्सी के माध्यम से कपकोट लाया गया। गांव में जैसे ही शहादत की सूचना पहुंची, लोगों की आंखें नम हो गईं और हर कोई इस वीर सपूत को याद कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सैन्यभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया का आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद होना अत्यंत दुखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को यह असीम पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें।

उधर, किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को आतंकियों का एक बड़ा ठिकाना हाथ लगा है। बताया जा रहा है कि इसी ठिकाने से आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमला किया था, जिसके बाद कई घंटों तक भीषण मुठभेड़ चली। मुठभेड़ के बाद आतंकी घने जंगलों की ओर फरार हो गए।

यह ठिकाना कच्ची मिट्टी से बने एक ढोक (अस्थायी ठहराव स्थल) में था, जहां आतंकी लंबे समय से छिपे हुए थे। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों को खाने-पीने का सामान, बर्तन, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुई हैं, जिससे साफ है कि आतंकी यहां लंबे समय तक डेरा डाले हुए थे। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और फरार आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहे हैं।

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