बागेश्वर।
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों की सुविधा के लिए वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) में मोबाइल नंबर अपडेट कराने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। गलत या निष्क्रिय मोबाइल नंबर दर्ज होने के कारण हजारों वाहन स्वामियों को ई-चालान, बीमा नवीनीकरण और प्रदूषण प्रमाण पत्र से संबंधित सूचनाएं प्राप्त नहीं हो पा रही थीं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विभाग ने शुक्रवार से ‘डिजिटल परिवहन सेवा अभियान’ की शुरुआत की है।
परिवहन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में अक्टूबर माह तक उत्तराखण्ड में कुल 1612 ऑनलाइन चालान जारी किए गए, जिनमें से केवल 66 प्रतिशत का ही निस्तारण हो सका। विभाग का कहना है कि लंबित चालानों का सबसे बड़ा कारण वाहन पंजीकरण विवरण में दर्ज पुराने, बंद अथवा गलत मोबाइल नंबर हैं।
इसी समस्या के समाधान के लिए आरटीओ कार्यालय बागेश्वर में एक हेल्पडेस्क स्थापित की गई है। यहां वाहन स्वामी अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं। इसके साथ ही यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी की जा सकेगी।
बीमा और प्रदूषण नवीनीकरण में आ रही थी परेशानी
वाहन बीमा एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के नवीनीकरण में अब आधार आधारित ओटीपी अनिवार्य है। मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने की स्थिति में ओटीपी प्राप्त न हो पाने के कारण बीमा और पीयूसी का नवीनीकरण रुक जा रहा था।
ई-निगरानी को मिल रही मजबूती
मोटर वाहन अधिनियम के तहत राज्य में इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग और प्रवर्तन को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से चालान सीधे वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाते हैं।
तुरंत ऑनलाइन मिलने वाली सेवाएं
एआरटीओ बागेश्वर अमित कुमार के अनुसार, ‘डिजिटल परिवहन सेवा अभियान’ के तहत वाहन स्वामी अब कई सेवाएं और सूचनाएं तुरंत ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने पंजीकरण विवरण में मोबाइल नंबर अवश्य अपडेट कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी या तकनीकी परेशानी से बचा जा सके।
