बागेश्वर:जनपद बागेश्वर में बच्चों और युवाओं के बीच मादक द्रव्यों तथा precursor chemicals के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए औषधि निरीक्षक पूजा रानी द्वारा विशेष जागरूकता पहल शुरू की गई है। इस संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मेडिकल स्टोर स्वामी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य नशीले पदार्थों और उनसे जुड़े रसायनों के अवैध उपयोग एवं बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा। औषधि निरीक्षक ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को मादक द्रव्यों और precursor chemicals के दुरुपयोग की पहचान, रोकथाम और सूचना तंत्र को मजबूत करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद बागेश्वर में वर्तमान में कोई भी औषधि निर्माण इकाई स्थापित नहीं है। precursor chemicals का उपयोग मुख्य रूप से नारकोटिक्स और साइकोट्रोपिक दवाओं के निर्माण में किया जाता है, जिनके उत्पादन, भंडारण और विक्रय पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा सख्त नियंत्रण रखा जाता है। साथ ही यह भी बताया गया कि मेडिकल स्टोर स्तर पर precursor chemicals का विक्रय नहीं किया जाता और जनपद में इस प्रकार की कोई संदिग्ध गतिविधि अभी तक संज्ञान में नहीं आई है।
औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों और केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों को निर्देशित किया कि यदि कहीं भी precursor chemicals या नशीली दवाओं के अवैध उपयोग या बिक्री की सूचना मिले तो तुरंत औषधि प्रशासन और पुलिस प्रशासन को सूचित करें। बैठक में कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य उच्च प्रभावी दवाओं के क्रय-विक्रय को लेकर भी सख्त नियमों के पालन के निर्देश दिए गए। प्रशासन ने इसे युवाओं के भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है।
