बागेश्वर। जनपद में औषधियों की गुणवत्ता और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देशों पर औषधि निरीक्षक पूजा रानी द्वारा जनपद के प्रमुख केंद्रीय औषधि भंडारों का औचक निरीक्षण किया गया।
इस क्रम में केंद्रीय औषधि भंडार, जिला चिकित्सालय बागेश्वर तथा केंद्रीय औषधि भंडार डिपो, जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय बिलौना में गहन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान दवाओं के क्रय बिल, स्टॉक रजिस्टर, वितरण विवरण एवं भंडारण व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी औषधियां निर्धारित तापमान, स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से रखी गई हैं।
औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने बताया कि केंद्रीय औषधि भंडार से वितरित की जाने वाली दवाएं जनस्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए उनकी गुणवत्ता और मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। आमजन को सुलभ, सुरक्षित एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना औषधि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि जनपद में सरकारी एवं गैर-सरकारी औषधि विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में इस माह अब तक 10 औषधि नमूनों को जांच हेतु राज्य औषधि विश्लेषणशाला भेजा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की मानकहीन दवाओं की समय रहते पहचान की जा सके।
निरीक्षण के दौरान भंडार कर्मियों को दवाओं के उचित रखरखाव, अभिलेखों के सही संधारण तथा किसी भी दवा की गुणवत्ता पर संदेह होने की स्थिति में तत्काल औषधि प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए। औषधि निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि एनएसक्यू (Not of Standard Quality) एवं स्प्यूरियस (नकली) दवाओं पर प्रभावी नियंत्रण औषधि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है और इस दिशा में जनपद में निरंतर और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
