हल्द्वानी। खटीमा में वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर पत्रकारों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (NUJ उत्तराखंड) के पदाधिकारियों व पत्रकारों ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए ASP के माध्यम से पुलिस महानिदेशक (DGP) को ज्ञापन भेजकर मुकदमा निरस्त करने की मांग उठाई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पत्रकार दीपक फुलेरा ने चकरपुर क्षेत्र में गैस आपूर्ति में हो रही देरी और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर एक ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की थी। आरोप है कि इस खबर से नाराज होकर चकरपुर मंडल के एक भाजपा पदाधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने बिना किसी प्रारंभिक जांच के ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(B) के तहत अपराध संख्या 0090 दर्ज कर दिया।
पत्रकार संगठन ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता की शिकायतों पर कार्रवाई में जहां अक्सर लंबा समय लग जाता है, वहीं सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस ने बिना साक्ष्यों की पुष्टि किए ही पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
NUJ हल्द्वानी-लालकुआं इकाई की ओर से भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ दर्ज इस कथित फर्जी मुकदमे को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही बिना जांच के एफआईआर दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। संगठन ने यह भी मांग रखी कि भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी शिकायत पर राजपत्रित अधिकारी स्तर की जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र न्याय नहीं मिला तो नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को विवश होगा। साथ ही मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप कर प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने की अपील की गई है।
इस दौरान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी, जिलाध्यक्ष नैनीताल धर्मानंद खोलिया, जिला महासचिव ईश्वरी दत्त भट्ट, शंकर पांडे, कंचन परिहार, नगर अध्यक्ष हल्द्वानी विजय गुप्ता, लालकुआं नगर इकाई के राकेश सिंह सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
