लौबांज से आयुर्वेदिक चिकित्सालय हटाने के विरोध में उठी आवाज

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बागेश्वर: गरुड़ ब्लॉक के लौबांज क्षेत्र में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के बीच क्षेत्रीय जनता में नाराजगी बढ़ने लगी है। जिस पर जिला पंचायत सदस्य बलवंत सिंह नेगी ने जिलाधिकारी बागेश्वर को पत्र भेजकर चिकित्सालय को लौबांज में ही बनाए रखने की मांग की है। नेगी ने बताया कि लौबांज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पिछले लगभग 20 वर्षों से पूरन सिंह के किराये के भवन में संचालित हो रहा है। इस चिकित्सालय से लौबांज, कौलाग, रतमटिया, मलोट, भतडिया, गरुड़ और कौसानी क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सालय गरुड़ ब्लॉक के प्रमुख ओपीडी केंद्रों में से एक है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में होने के कारण विभाग ने 29 सितंबर 2025 को लगभग 3000 से 3500 वर्ग फीट कारपेट एरिया वाले नए किराये के भवन के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसके बाद लौबांज क्षेत्र के लोगों ने अलग-अलग प्रस्ताव भी विभाग को सौंपे थे और प्रशासन द्वारा नए भवनों का मौका मुआयना भी कर लिया गया था, लेकिन अभी तक चिकित्सालय का स्थानांतरण नहीं किया गया। नेगी के बताया कि जब जिला आयुर्वेदिक अधिकारी से देरी का कारण पूछा गया तो जानकारी मिली कि चिकित्सालय को पिंगलों क्षेत्र में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। इस सूचना के बाद क्षेत्रीय जनता में काफी रोष है और लोग सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे हैं।
जिला पंचायत सदस्य ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि वे विभाग को निर्देशित कर राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को लौबांज में ही संचालित रखने की अनुमति दें, ताकि क्षेत्रीय जनता और कौसानी आने वाले पर्यटकों को आयुर्वेदिक उपचार और पंचकर्म सेवाओं का लाभ मिलता रहे। इस दौरान भगवत सिंह डसीला, बालकृष्ण,रमेश चन्द्र, सुंदर प्रकाश, गौरव पाठक आदि मौजूद रहे।

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