उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश में 2000 पदों पर चल रही पुलिस भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा में छूट दिए जाने के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने राज्य सरकार को चयन प्रक्रिया जारी रखने व परिणाम बिना कोर्ट की अनुमति के घोषित न करने के निर्देश दिये हैं। मामले की अगली सुनवाई हेतु 25 मार्च की तिथि नियत की है।
सुनवाई के दौरान सचिव गृह व पुलिस महानिदेशक मामले की स्थिति से अवगत कराने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए थे। उन्होंने कोर्ट के सम्मुख अपने तथ्य रखे। मामले के अनुसार चमोली निवासी रोशन सिंह ने याचिका दायर कर कहा है कि पुलिस विभाग में जिला रिजर्व पुलिस, पी.ए.सी. आई.आर.बी. के लिए 20 अक्टूबर 2024 को यू के एस.एस.एस.सी. ने 2000 पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। जिसकी चयन प्रक्रिया वर्तमान में गतिमान है। विज्ञप्ति में 1550 नए पद और 450 पद 2021-22,2022-23 के रिक्त पड़े पदों को भी शामिल किया गया। याचिका में आगे कहा गया कि पूर्व में भर्ती न होने के कारण उनकी उम्र अधिक हो गयी है। लिहाजा उनको भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आयु सीमा में छूट दी जाय। उनका यह भी कहना है कि पुलिस भर्ती के लिए जो आयु सीमा निर्धारित की गई है वह 18 से 22 वर्ष है। उसमें भी संशोधन किया जाय। इस मामले में उत्तराखंड बेरोजगार संघटन कई बार सरकार को अपने प्रत्यावेदन दे चुका है। लेकिन उसके बाद भी उस पर कोई विचार नहीं किया गया। याचिका में कहा गया है कि पुलिस की भर्ती में शामिल होने के लिए प्रदेश के नवयुवकों की आयु सीमा 22 साल से बढाकर कम से कम 25 साल की जाय। क्योंकि यह परीक्षा राज्य सरकार साल दर साल नहीं करा रही है।

