सात साल बाद लौटा विंटर कार्निवाल, नैनीताल में पर्यटन, रोजगार और लोक कलाओं को मिला नया संबल

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नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित विंटर कार्निवाल में पहुंचकर देवतुल्य जनता को संबोधित किया गया। इस दौरान उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों और पर्यटकों का मन मोह लिया। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य, लोक गीत और पारंपरिक वेशभूषा ने हिमालयी संस्कृति की समृद्ध झलक पेश की।

करीब सात वर्षों के अंतराल के बाद नैनीताल की पावन भूमि पर आयोजित यह भव्य विंटर कार्निवाल न केवल स्थानीय लोगों बल्कि देश-विदेश से आए पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह आयोजन पर्यटकों को उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय उत्पादों और प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू कराते हुए शीतकालीन पर्यटन को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के शीतकालीन यात्रा के आह्वान के बाद प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन को नई गति मिली है। इससे पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हुई है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। युवा वर्ग ट्रेकिंग, होम-स्टे, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन से जुड़े कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रहा है, जिससे पहाड़ों से होने वाले पलायन में भी कमी देखने को मिल रही है।

विंटर कार्निवाल जैसे आयोजनों से लोक कलाकारों को मंच, हस्तशिल्प को बाजार और पारंपरिक व्यंजनों को पहचान मिल रही है। स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर माननीय विधायक श्रीमती सरिता आर्या जी, श्री बंसीधर भगत जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्थानीय नागरिक और बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित रहे। सभी ने विंटर कार्निवाल की सफलता की सराहना करते हुए इसे निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

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