मुख्य सचिव के निर्देश: एम्बुलेंस में GPS अनिवार्य, ट्रॉमा रजिस्ट्री और गुड सेमेरिटन तंत्र होगा मजबूत
देहरादून, 23 जुलाई। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को संबंधित विभागों के साथ बैठक कर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप एक समन्वित, प्रभावी और समयबद्ध आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों में घायल व्यक्ति तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं को तकनीकी और परिचालन स्तर पर एकीकृत हेल्पलाइन **112** से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में पुलिस, फायर और मेडिकल जैसी सभी आपातकालीन सेवाएं एक ही नंबर 112 के माध्यम से तत्काल उपलब्ध होंगी। इसके लिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक मैकेनिज्म विकसित किया जाएगा, जिससे कॉल प्राप्त होते ही संबंधित विभाग को सूचना स्वतः पहुंच सके और सहायता में देरी न हो।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी की जाएं और नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए ताकि आम नागरिक जरूरत पड़ने पर इसका लाभ उठा सकें।
बैठक में **गुड सेमेरिटन (सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों)** से जुड़े शिकायत निवारण तंत्र को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके तहत राज्य स्तर पर महानिदेशक स्वास्थ्य को नोडल अधिकारी तथा जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित कर उसका कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी सरकारी और निजी एम्बुलेंसों में **एआईएस-125 मानकों** का पालन सुनिश्चित करने तथा जीपीएस और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाने के निर्देश भी दिए। इन सभी एम्बुलेंसों को हेल्पलाइन 112 से रियल-टाइम इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे जरूरत पड़ने पर निकटतम एम्बुलेंस को तुरंत घटनास्थल पर भेजा जा सके।
इसके अलावा राज्य स्तरीय **ट्रॉमा रजिस्ट्री** तैयार करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को सौंपी गई है। सभी सरकारी एवं निजी चिकित्सा संस्थानों को इस प्रणाली से जोड़ने के साथ इसे राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री से भी इंटीग्रेट किया जाएगा। बैठक में **पीएम-राहत (PM-RAHAT) योजना** का शत-प्रतिशत प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा, तृप्ति भट्ट, संयुक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
