बाजार में अधोमानक मावा मिलने पर कारोबारी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना

खबर शेयर करें -

बागेश्वर: जिलाधिकारी महोदया बागेश्वर तथा आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड, देहरादून से प्राप्त निर्देशों के क्रम में रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना का निरीक्षण किया। टीम द्वारा राजकीय प्राथमिक विद्यालय एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बहुली में विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य सामग्री के भंडारण तथा रसोईघर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन एवं रसोइयों को निर्देश दिए कि बच्चों को शुद्ध, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। खाद्य सामग्री की जांच करते समय यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी वस्तुएं ताज़ी, निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा सुरक्षित ढंग से संग्रहित हों। इसके अलावा भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, साफ कपड़े पहनने, हाथ धोने तथा स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करने के लिए विशेष रूप से जागरूक किया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

इसी क्रम में विभाग की कार्रवाई का एक अन्य मामला भी सामने आया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री विपिन कुमार द्वारा दिनांक 11 मार्च 2025 को गरुड़ बाजार से मावा का नमूना जांच हेतु संग्रहित कर राज्य खाद्य एवं विश्लेषण शाला रुद्रपुर भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में मावा में वसा की मात्रा निर्धारित मानकों से कम पाए जाने के कारण इसे अधोमानक घोषित किया गया।

मामले की सुनवाई के बाद माननीय न्याय निर्णायक अधिकारी एवं जिलाधिकारी न्यायालय बागेश्वर द्वारा संबंधित कारोबारी पर पांच लाख रुपये (₹5,00,000) का जुर्माना अधिरोपित किया गया। विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट या मानकों की अनदेखी करने वालों के, विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को आम जनता और अभिभावकों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Breaking News