हल्द्वानी। हल्द्वानी में आयोजित आर्म ब्रावल 2026 की ओपन (खुली) आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में बागेश्वर के युवा खिलाड़ी कृष्णा पांडे ने दाएं हाथ (राइट हैंड) की ओपन कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जनपद बागेश्वर का गौरव बढ़ाया।
कृष्णा पांडे इससे पूर्व भी राष्ट्रीय स्तर की आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। वर्तमान में वे ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, हल्द्वानी में बी.टेक. (कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग) के छात्र हैं।
प्रतियोगिता में खिलाड़ी के रूप में शानदार प्रदर्शन करने के साथ-साथ कृष्णा पांडे ने अन्य वर्गों के मुकाबलों में रेफरी (निर्णायक) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभाई। उनके निष्पक्ष निर्णयों और खेल के तकनीकी ज्ञान की प्रतिभागियों एवं आयोजकों ने सराहना की।
कृष्णा पांडे केवल स्वयं प्रतियोगिताओं में भाग लेने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बागेश्वर के युवाओं को भी आर्म रेसलिंग से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कई युवा खिलाड़ियों ने भी इस प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
खेलों के प्रति जागरूकता फैलाने के साथ-साथ कृष्णा पांडे नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे हल्द्वानी के कई शिक्षण संस्थानों में नशामुक्ति अभियान के ब्रांड एंबेसडर के रूप में युवाओं को नशे से दूर रहने तथा खेल, फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका मानना है कि खेल युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देते हैं और उन्हें गलत आदतों एवं नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने का प्रभावी माध्यम हैं।
कृष्णा पांडे का कहना है कि आर्म रेसलिंग केवल ताकत का खेल नहीं, बल्कि एकाग्रता, अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास का भी खेल है। यह युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि खेलों के अनेक सकारात्मक आयाम हैं। यदि कोई खिलाड़ी राज्य अथवा राष्ट्रीय स्तर पर पदक अर्जित करता है तो उसे विभिन्न शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति, प्रवेश में वरीयता तथा शुल्क में रियायत जैसी सुविधाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करते हुए खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और आर्म रेसलिंग जैसे खेलों से जुड़ने का आह्वान किया।
कृष्णा पांडे की यह उपलब्धि बागेश्वर के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। खेल प्रेमियों ने विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करने के साथ-साथ खेल और नशामुक्ति के संदेश को भी व्यापक स्तर तक पहुंचाते रहेंगे।
