उत्तरायणी मेला 2026:परंपरा और सुरक्षा के संतुलन के साथ भव्य आयोजन की तैयारी, मेले की सीमा का होगा विस्तार

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बागेश्वर। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े उत्तरायणी मेले 2026 की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में नगर पालिका प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में नगर पालिका प्रशासन और मेलाधिकारी (उपजिलाधिकारी) के बीच महत्वपूर्ण चर्चा की गई, जिसमें मेले के आयोजन, व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श हुआ।

नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने बताया कि इस वर्ष उत्तरायणी मेले की सीमा का विस्तार किया जा रहा है, ताकि बढ़ती भीड़ को बेहतर ढंग से समायोजित किया जा सके। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परंपरागत स्वरूप को बनाए रखते हुए कुछ आयोजन प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे मेलार्थियों को पहले से अधिक सुविधा मिल सके।

मेलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी ने निर्देश दिए कि मेले की भव्यता बढ़ाने के साथ-साथ उसकी सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर श्रद्धालुओं और आम जनता की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, आपात सेवाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।

चर्चा के दौरान अधिशासी अधिकारी ने मेले के आयोजन से जुड़ी अब तक की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि स्टॉल व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि उत्तरायणी मेला 2026 परंपरा, संस्कृति और आधुनिक व्यवस्थाओं का ऐसा संगम बने, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव साबित हो।

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