बागेश्वर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई, जब 108 एंबुलेंस बीच रास्ते में खराब हो गई और रेफर की गई एक गर्भवती महिला को घंटों तक असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ी।
मंडलसेरा निवासी माया देवी को आज करीब 11:30 बजे बागेश्वर जिला अस्पताल से गंभीर हालत में अल्मोड़ा अस्पताल के लिए रेफर किया गया। जिला अस्पताल में निश्चेतक (एनेस्थेटिस्ट) की अनुपलब्धता के कारण उन्हें उच्च केंद्र भेजना पड़ा। परिजनों के अनुसार, 108 एंबुलेंस समय पर अस्पताल से रवाना तो हुई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे में केवल द्यागण पेट्रोल पंप तक ही पहुंच पाई। इसी दौरान एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आ गई और वाहन बीच रास्ते में ही खड़ा हो गया।
इस दौरान गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही, लेकिन मौके पर कोई त्वरित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो सकी। करीब आधे घंटे बाद दूसरी 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची, जिसके बाद महिला को अल्मोड़ा के लिए रवाना किया गया। इस पूरी घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पहले ही सीमित सुविधाओं के बीच मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, ऐसे में एंबुलेंस जैसी आपात सेवा का बीच रास्ते जवाब दे देना चिंताजनक है। 108 सेवा के प्रभारी कमल शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस में तकनीकी दिक्कत आ गई थी, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर समय पर दूसरी एंबुलेंस नहीं पहुंचती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
