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कुन्ती नाले का मंडलायुक्त ने किया स्थलीय निरीक्षण, जलभराव व मलबा समस्या के स्थायी समाधान की तैयारी

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बुधवार को कुन्ती नाले का स्थलीय निरीक्षण कर वर्षा ऋतु के दौरान उत्पन्न होने वाली जलभराव एवं मलबा आने की समस्या का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े भी उपस्थित रहीं।

इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

स्थानीय निवासियों ने अवगत कराया कि बरसात में तेज बहाव के कारण नाले से भारी मात्रा में मलबा एवं पत्थर बहकर आवासीय क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं, जिससे घरों को क्षति एवं आर्थिक नुकसान होता है।

मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग को निर्देशित किया कि समन्वय स्थापित कर समस्या के स्थायी समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए और उसका शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि सड़क से लगभग 900 मीटर दूरी तक सरयू नदी तक अंडर-सड़क नाले के निर्माण का प्रस्ताव राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत शासन को प्रेषित किया जा चुका है।

इस परियोजना के माध्यम से बरसाती जल को व्यवस्थित रूप से सरयू नदी तक पहुंचाया जाएगा, जिससे आबादी वाले क्षेत्रों में मलबा आने की समस्या का दीर्घकालिक समाधान संभव हो सकेगा।

मंडलायुक्त ने कहा कि प्रस्ताव की शीघ्र स्वीकृति के लिए शासन स्तर पर आवश्यक संवाद किया जाएगा, ताकि आगामी मानसून से पूर्व कार्य प्रारंभ कराया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस प्रकार की समस्याओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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