बागेश्वर की बेटी बबीता लोबियाल बनीं वित्त अधिकारी, पीसीएस परीक्षा में सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर

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बागेश्वर। जिले की खरेही पट्टी क्षेत्र की होनहार बेटी बबीता लोबियाल ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनका चयन वित्त अधिकारी के पद पर हुआ है। बबीता की इस उपलब्धि से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। सफलता की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और बबीता को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

बबीता लोबियाल, श्री दिनेश चंद्र लोबियाल और श्रीमती रजनी देवी की पुत्री हैं। उनके पिता वर्तमान में नैनीताल जिले के एक राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। बबीता अपने भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। परिवार के संस्कार, माता-पिता का मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी बबीता का प्रदर्शन शुरू से ही उत्कृष्ट रहा है। उन्होंने अपनी इंटरमीडिएट की पढ़ाई विवेकानंद इंटर कॉलेज, मंडलसेरा से पूरी की। इसके बाद उन्होंने गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से बीटेक की डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया और लगातार तैयारी करते हुए उत्तराखंड पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित की।

ग्रामीणों के अनुसार बबीता ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने निरंतर अध्ययन, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो पहाड़ की बेटियां किसी भी क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकती हैं।

बबीता की सफलता पर उनकी चाची एवं ग्राम प्रधान श्रीमती बीना देवी, चाचा संतोष कुमार, मनोज कुमार तथा शेखर चंद्र सहित क्षेत्र के अनेक लोगों ने खुशी व्यक्त की है। ग्राम प्रधान बीना देवी ने कहा कि बबीता ने पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है और उनकी सफलता अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। वहीं ग्रामीणों ने कहा कि बबीता ने अपनी मेहनत से यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं।

गांव के लोगों को अब अपनी इस होनहार बेटी के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि बबीता लोबियाल की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति प्रेरित करेगी तथा बागेश्वर जिले की प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में मददगार साबित होगी।

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