बागेश्वर। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की ओर से अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन से गुहार लगाने का मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। इस प्रकरण को लेकर बागेश्वर में कांग्रेस ने प्रेस वार्ता आयोजित कर मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राजेंद्र सिंह टंगड़िया ने बताया कि मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में घरेलू हिंसा, शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न, जातिसूचक अपमान, धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार शिकायत के आधार पर 15 अक्टूबर 2026 को एफआईआर संख्या 0158 दर्ज की गई है। मामले में एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
नेता बाद में, पहले उत्तराखंड की बेटी हैं रेखा आर्य
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रेखा आर्य प्रदेश की मंत्री होने से पहले उत्तराखंड की बेटी हैं और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। वक्ताओं ने जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित पक्षों की बात सुनने और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने का मुद्दा भी उठाया
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता को भी न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि रेखा आर्य महिलाओं को न्याय दिलाने के मुद्दे पर आवाज उठाएंगी और अंकिता भंडारी के लिए न्याय की मांग का समर्थन करेंगी। कांग्रेस ने दोनों मामलों को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।


