बागेश्वर: नवरात्रि के दौरान व्रत रखने वाले लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बागेश्वर जिले के कौसानी में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस अभियान में होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को कुट्टू के आटे की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग और उसकी खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई।
यह अभियान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड, देहरादून के आयुक्त तथा जिलाधिकारी बागेश्वर से प्राप्त निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया। नवरात्रि के दौरान कुट्टू के आटे की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता और शुद्धता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, ताकि लोगों को खराब या मिलावटी खाद्य सामग्री के सेवन से होने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।
अभियान के दौरान सहायक आयुक्त डॉ. प्रकाश चंद्र ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कुट्टू के आटे के सही उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकिंग, निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि की जांच करना जरूरी है। इसके साथ ही कारोबारियों को आटे की गुणवत्ता पर ध्यान देने और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका होने पर उसका इस्तेमाल नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया।
खराब कुट्टू के आटे की पहचान पर दिया जोर
विभाग की ओर से कारोबारियों को कुट्टू के आटे की गुणवत्ता की जांच करने और खराब या संदिग्ध आटे के इस्तेमाल से बचने की जानकारी दी गई। आटे की पैकिंग क्षतिग्रस्त होने, उसमें नमी, फफूंद, असामान्य गंध या कीटों के संकेत मिलने पर उसका उपयोग नहीं करना चाहिए। हालांकि, केवल रंग या दिखावट के आधार पर आटे की शुद्धता की पूरी पुष्टि नहीं की जा सकती। मिलावट की आशंका होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच कराने की सलाह दी गई।
विभाग ने कारोबारियों को खाद्य सामग्री की खरीदारी विश्वसनीय स्रोतों से करने, उसे साफ और सूखी जगह पर रखने तथा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही व्रत के दौरान इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी के प्रति भी जागरूक किया गया।
इस जागरूकता अभियान में सहायक आयुक्त डॉ. प्रकाश चंद्र और भूपेंद्र देव उपस्थित रहे। विभाग का उद्देश्य त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कारोबारियों को जिम्मेदार बनाना है।


