बागेश्वर। कांडा तहसील अंतर्गत स्थित टिटोली गांव में मंगलवार को 134वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वजों को तर्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। कुल पुरोहित दीप पांडे ने पितरों का आह्वान किया, जिसके बाद सुंदरकांड का पाठ एवं सामूहिक प्रार्थना का आयोजन हुआ। इस अवसर पर ग्राम, क्षेत्र, राज्य एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि तथा उन्नति की कामना की गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने गांव के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि टिटोली गांव की स्थापना का आधार 24 जून 1894 को रखा गया था, जब गांव के पूर्वजों ने यह भूमि क्रय कर यहां स्थायी रूप से बसावट प्रारंभ की। गांव के मूल पूर्वज नेपाल से जीबी, पिथौरागढ़ से छाना बिलौरी से यहां आए थे। वर्तमान में गांव अपनी ऐतिहासिक, शैक्षिक एवं सैन्य परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखता है।
बताया गया कि वर्ष 1901 में गांव में प्राथमिक विद्यालय की स्थापना हुई थी, जिससे यह क्षेत्र के प्राचीन शिक्षा केंद्रों में शामिल रहा है। साथ ही वर्ष 1916 मे गुमान सिंह गोरखा राइफल्स मे भर्ती हुऐ तब से यह क्रम लगातार जारी है और गांव के परिवारों का भारतीय सेना से गहरा संबंध रहा है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी यहां के युवा राष्ट्र सेवा में योगदान देते आ रहे हैं।
कार्यक्रम में कर्नल बी.एस. रौतेला ने कहा कि गांव के पूर्वज स्वर्गीय भगवान सिंह के परिवार ने इस क्षेत्र में बसावट की नींव रखी। भारतीय सेना में इस परिवार और गांव के अनेक युवाओं ने उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हवलदार धन सिंह कों जंगी इनाम तथा हरक सिंह कों मिलिट्री क्रॉस नवाज़ा गया. स्वतंत्रता के बाद जम्मू-कश्मीर की रक्षा में भी यहां के जमादार ( नायब सूबेदार ) धन सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साहस, वीरता और बलिदान को देश ने वीर चक्र से सम्मानित किया।
वक्ताओं ने कहा कि समय के साथ गांव भी पलायन की समस्या से प्रभावित हुआ है। गांव से बाहर रह रहे लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने तथा नई पीढ़ी को अपनी जन्मभूमि, संस्कृति और इतिहास से परिचित कराने के उद्देश्य से वर्ष 2022 में मातृभूमि रक्षा समिति का गठन किया गया। समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 24 जून को गांव का स्थापना दिवस सामूहिक रूप से मनाया जाएगा।
स्थापना दिवस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे गांव के लोगों ने भी भाग लिया। सभी ने गांव के विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आपसी एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। समारोह का समापन सामूहिक भोज एवं प्रसाद वितरण केe साथ हुआ।कार्यक्रम मे मुख्यतिथि कर्नल वेद प्रकाश जोशी, सेना मैडल, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी, विशिष्ट अतिथि सहायक अभियंता मनोज पंत, जगन्नाथ चंदौला, मोहन चंद्र चंदौला, रतन सिंह नगरकोटी, भवान सिंह धपोला, श्याम सिंह धपोला, भगवान सिंह धपोला, उम्मेद सिंह रौतेला, दीवान सिंह रौतेला, आनंद सिंह रौतेला, सुरेंद्र सिंह रौतेला सहित बहुत अधिक संख्या मे मातृशक्ति तथा ग्रामवासी उपस्थित थे, सभी ने संकल्प लिया कि प्रत्येक वर्ष इसी हर्षोल्लास के साथ यह दिवस मनाया जायेगा,
