नैनीताल जिले के जगदंबा नगर स्थित सैनिक मिलन केंद्र में शुक्रवार को ऑपरेशन मेघदूत के दौरान शहीद हुए वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, सैन्य अधिकारियों और शहीद जवानों के परिजनों ने उपस्थित होकर देश की रक्षा में दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम में बताया गया कि अप्रैल 1984 में शुरू हुए ऑपरेशन मेघदूत के तहत कुमाऊँ रेजिमेंट की 19वीं बटालियन को एक बेहद जोखिम भरे मिशन के लिए तैयार किया गया था। बटालियन को बेस कैंप पहुंचकर बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों पर कब्जा करना था। उस समय इन दुर्गम क्षेत्रों में सेना की तैनाती नहीं थी और मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण था।
जानकारी के अनुसार 28 और 29 मई 1984 की रात को लेफ्टिनेंट पुंडीर के नेतृत्व में गश्ती दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया। इस हादसे में सेकंड लेफ्टिनेंट पुंडीर सहित 17 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। कार्यक्रम में इन वीर जवानों की शौर्यगाथा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
वर्तमान में शहीद जवानों के पांच परिवार नैनीताल जनपद में निवास कर रहे हैं। इनमें हवलदार गोविंद बल्लभ, नायक राम सिंह, नायक दया किशन, लांस नायक चंद्रशेखर और सिपाही हयात सिंह के परिजन शामिल हैं। कार्यक्रम में इन परिवारों को सम्मानित करते हुए उनके त्याग और धैर्य को भी सलाम किया गया।
श्रद्धांजलि सभा में लेफ्टिनेंट कर्नल बीएस रौतेला, मेजर एसएस महार, कैप्टन कृपाल सिंह कोरंगा, सूबेदार मेजर डीएस कन्याल सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक मौजूद रहे। इसके अलावा श्रीमती शांति हरबोला, श्रीमती विमला देवी, श्रीमती जीवंती देवी, श्रीमती लक्ष्मी देवी और श्रीमती बच्ची देवी समेत शहीदों के परिजन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का समापन “कालिका माता की जय” और “हिंद की सेना जिंदाबाद” के जयकारों के साथ किया गया।
