औषधि निरीक्षण में तीन प्रमुख अनियमितताएं सामने, पालन न होने पर लाइसेंस निलंबन की चेतावनी

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बागेश्वर: औषधियों की गुणवत्ता को लेकर औषधि प्रशासन सख्त, मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में और आयुक्त एवं अपर आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए जनपद बागेश्वर में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्रवाई की गई।

दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को औषधि निरीक्षक पूजा ने कौसानी क्षेत्रान्तर्गत स्थित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 03 मेडिकल स्टोरों में अनियमितताएं पाई गईं और यह पाया गया कि फर्म द्वारा लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया गया। सभी स्टोरों को 07 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। यदि इस दौरान सुधारात्मक कार्रवाई संतोषजनक नहीं पाई जाती है, तो औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की जाएगी।

कफ सिरप प्रकरण की संवेदनशीलता पर विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर बच्चों के 02 कफ सिरप के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए। औषधि निरीक्षक ने बताया कि लैब रिपोर्ट आने के बाद यदि औषधियां मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती हैं, तो ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

निरीक्षण में यह भी पाया गया कि निम्नलिखित औषधियों का स्टॉक किसी भी स्टोर में उपलब्ध नहीं था:

SYP. COLDRIF

SYP. RESPIFRESH-TR

SYP. RELIFE

बाल चिकित्सा औषधियों के उपयोग पर सख्त निर्देश

औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने सभी मेडिकल स्टोर स्वामियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि:

पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जाएगी।

पाँच वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों में भी दवा का उपयोग केवल चिकित्सक की जांच, उचित खुराक, न्यूनतम अवधि और सुरक्षित दवा संयोजन के पालन के बाद ही किया जाएगा।

सभी स्टोर लाइसेंस की शर्तों का पालन करें और बच्चों को औषधियां केवल योग्य चिकित्सक के पर्चे पर दें।

आगे की कार्रवाई और जागरूकता

औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने कहा कि यह अभियान केवल औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तक सीमित नहीं है। जनपद में सभी मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण और औषधियों की गुणवत्ता जांच नियमित रूप से जारी रहेगी। साथ ही प्रशासन आम जनता और व्यापारियों को सतर्क रहने और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने के लिए जागरूक कर रहा है।

पुलिस और औषधि प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि औषधियों की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।”

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