बागेश्वर। किसान मंच उत्तराखंड ने प्रदेश में किसानों के हितों और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर मोर्चा खोल दिया है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने सोमवार को बागेश्वर में प्रेस वार्ता कर कृषि एवं उद्यान विभाग से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में दस्तावेजों के आधार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
प्रदेश अध्यक्ष ने उद्यान विभाग की पॉलीहाउस योजना में कथित प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में 591 पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 300.73 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। उन्होंने इस धनराशि के वास्तविक उपयोग और योजना के तहत हुए कार्यों का पारदर्शी सत्यापन कराने की आवश्यकता जताई।
माइक्रो इरिगेशन योजना में भी जांच की मांग
कार्तिक उपाध्याय ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माइक्रो इरिगेशन घटक के तहत हुए कथित फर्जीवाड़े की भी निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच अथवा किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचने की स्थिति स्पष्ट हो सके।
प्रेस वार्ता में जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) फंड के उपयोग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान मंच ने बागेश्वर जिला कार्यालय में DMF धनराशि के पारदर्शी उपयोग की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अपना अनौपचारिक समर्थन देने की बात कही।
मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि अन्य जनपदों से प्राप्त DMF से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी जल्द सार्वजनिक किया जाएगा। उनका कहना है कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि किसी भी स्तर पर कथित भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके।
किसानों के हितों से जुड़े हैं मुद्दे
प्रदेश अध्यक्ष कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि पॉलीहाउस योजना, माइक्रो इरिगेशन और DMF फंड से जुड़े मामले किसानों और आम जनता के हितों से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने संबंधित मामलों में शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि योजनाओं के बजट और उनके वास्तविक धरातलीय उपयोग की जांच से स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
