बारिश में बागनाथ मंदिर के अंदर पहुंच रहा पानी, प्राचीन धरोहर के संरक्षण पर उठे सवाल

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बागेश्वर की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर बाबा बागनाथ मंदिर और बाणेश्वर मंदिर के संरक्षण और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच बागनाथ मंदिर के अंदर पानी पहुंचने से मंदिर परिसर में जलभराव की स्थिति पैदा हो रही है। वहीं मंदिर की छत और संरचना पर उगे पीपल के पेड़ भी अब संरक्षण के लिहाज से चिंता का कारण बन गए हैं।

पुजारी परिवार के भगवत सिंह रावल ने बताया कि बारिश के दौरान मंदिर की छत से पानी की धार अंदर तक पहुंच रही है। इससे मंदिर के अंदर नमी और जलभराव की स्थिति बन रही है। उनका कहना है कि प्राचीन मंदिरों की छत और दीवारों पर उगे पीपल के पेड़ अब काफी बड़े हो चुके हैं। पेड़ों की जड़ें मोटी और गहरी होने के कारण मंदिर की ऐतिहासिक संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर पिछले करीब दो माह से पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से फोन और व्हाट्सऐप के माध्यम से लगातार संपर्क किया जा रहा है। अधिकारियों को मंदिर की स्थिति से अवगत कराते हुए मौके पर निरीक्षण और आवश्यक संरक्षण कार्य कराने का आग्रह भी किया गया, लेकिन अब तक मौके पर निरीक्षण नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मंदिर की छत, जल निकासी व्यवस्था और संरचना का आवश्यक ट्रीटमेंट नहीं किया गया तो आने वाले समय में समस्या गंभीर हो सकती है। उन्होंने पुरातत्व विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर विशेषज्ञों की देखरेख में संरक्षण कार्य कराने की मांग की है।

वही पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक किशन कुमार ने बताया कि मंदिर का जल्द निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का आकलन कर आवश्यक संरक्षण एवं उपचार संबंधी कार्य कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर की संरचना को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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