बागेश्वर जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं को लेकर संघर्ष वाहिनी ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार और शिकायतों की जांच की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि 5 सितंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक दिवस पर आंदोलन किया जाएगा।
बागेश्वर में संघर्ष वाहिनी के जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में सोमवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जिले के विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों में शिक्षा, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने कपकोट स्थित राजकीय इंटर कॉलेज सोंग के जर्जर भवन और उसके ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। वहीं मण्डलसेरा के सरकारी विद्यालय में जर्जर भवन, खराब शौचालय और पेयजल की समस्या दूर करने की मांग की गई।
संघर्ष वाहिनी ने कुछ विद्यालयों में विद्यार्थियों से ढुलान कार्य कराए जाने की शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इसके अलावा शिक्षकों की कमी दूर करने, रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और प्राथमिक स्तर से शारीरिक अध्यापकों की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई। ज्ञापन में मिड-डे मील की गुणवत्ता, साफ-सफाई, निजी विद्यालयों में फीस और महंगी पुस्तकों की अनिवार्यता, स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों, खेल सामग्री, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, बिजली, पंखे और डेस्क-बेंच जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई।
संघर्ष वाहिनी ने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इन मामलों पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 5 सितंबर 2026 तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षक दिवस के दिन मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन के मौके पर महेश कालाकोटी, नीरज सिंद, प्रकाश पाण्डे, वीरेंद्र नेगी और अंकुर उपाध्याय समेत अन्य लोग शामिल थे।
