बागेश्वर के तिलसारी गांव में मानव–वन्यजीव संघर्ष पर जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों की सुरक्षा पर दिया जोर

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बागेश्वर: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ती चुनौतियों के बीच ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में बागेश्वर जिले के ग्राम तिलसारी में मानव–वन्यजीव सहअस्तित्व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) प्रकाश चंद्र आर्य ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मानव–वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी समस्याओं, जनसुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के महत्व पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनाना और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूक करना रहा। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं और चिंताओं को समझने के साथ ही उनके समाधान के लिए जनसहभागिता और वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

जंगली सूअर और बंदरों की समस्या पर जोर

पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली सूअर, बंदरों और अन्य वन्यजीवों से जुड़ी समस्याएं ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी रहती हैं। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और विभागीय सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता पर बल दिया गया। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण दोनों जरूरी

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि वन्यजीव प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके संरक्षण के साथ-साथ जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा भी जरूरी है। दोनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास, जागरूकता और आपसी सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मानव–वन्यजीव सहअस्तित्व की भावना को मजबूत करने और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह पहल ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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