टैक्स न चुकाने वालों पर बागेश्वर नगर पालिका का सख्त एक्शन: 15 सरकारी विभागों समेत 40 बकायेदारों को RRC जारी

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​बागेश्वर। नगर पालिका परिषद बागेश्वर ने भवन कर (हाउस टैक्स) न चुकाने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। पालिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए 40 बड़े बकायेदारों के खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (RRC) जारी कर दिया है। इस कार्रवाई के जरिए कुल 4 लाख 60 हजार 273 रुपये की वसूली की जानी है। हैरानी की बात यह है कि टैक्स दबाए बैठने वालों में आम नागरिकों से कहीं आगे खुद सरकारी विभाग हैं।
​आंकड़ों में समझें बकायेदारों की स्थिति:
​कुल बकायेदार: 40
​कुल बकाया राशि: ₹4,60,273
​सरकारी विभाग (15): इन पर सबसे ज्यादा ₹3,82,411 का टैक्स बकाया है।
​निजी भवन स्वामी (25): इनसे ₹77,862 की वसूली की जानी है।
​नोटिस को किया नजरअंदाज, अब होगी सख्ती
नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, इन सभी बकायेदारों को पूर्व में कई बार नोटिस भेजे गए थे। उन्हें टैक्स जमा करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद किसी ने भुगतान करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अंततः पालिका को मजबूर होकर RRC जारी करने का सख्त कदम उठाना पड़ा।
​’नहीं दिया टैक्स तो होगी कुर्की’
नगर पालिका परिषद बागेश्वर के अधिशासी अधिकारी (EO) विनोद सिंह जीना ने स्पष्ट किया कि शहर के विकास कार्यों को रफ्तार देने और राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समय पर टैक्स वसूली बेहद जरूरी है।
​उन्होंने सभी संबंधित निजी भवन स्वामियों और सरकारी विभागों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के अपनी बकाया राशि पालिका कोष में जमा कराएं। साथ ही उन्होंने यह कड़ी चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया, तो नियमानुसार कुर्की (संपत्ति जब्ती) सहित अन्य वैधानिक कार्रवाइयां अमल में लाई जाएंगी।
​अन्य डिफाल्टरों में मचा हड़कंप
पालिका प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कर अदायगी में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी स्तर पर कोई मोहलत या छूट नहीं मिलेगी—फिर चाहे वह कोई आम नागरिक हो या कोई रसूखदार सरकारी विभाग। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य बकायेदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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