निराश्रित गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

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जनपद में निराश्रित रूप से विचरण कर रहे गोवंशीय पशुओं की समस्या के समाधान एवं प्रभावी प्रबंधन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने जिला सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में निराश्रित गोवंशीय पशुओं की वर्तमान स्थिति, उनके संरक्षण, प्रबंधन तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि आवारा गोवंशीय पशुओं के कारण खेती-किसानी को भारी नुकसान हो रहा है तथा समय रहते ठोस कदम न उठाए जाने पर समस्या और गंभीर हो सकती है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे कर निराश्रित गोवंशीय पशुओं की सटीक संख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि इसके आधार पर प्रभावी योजना तैयार की जा सके। उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को मॉडल एस्टीमेट के अनुरूप जनपद की तीनों गौशालाओं के विस्तारीकरण हेतु शीघ्र एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए।


इसके साथ ही बागेश्वर एवं कपकोट के उपजिलाधिकारियों को नवीन गौशाला स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर गोवंश छोड़ने वालों की पहचान कर पुलिस के माध्यम से उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को गोसेवक योजना के अंतर्गत गोसेवकों की चयन प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अवगत कराया गया कि वर्तमान में जनपद में चार गौशालाएं संचालित हैं तथा दो गौशालाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के.के. जोशी सहित तीनों नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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