उत्तराखंड के सीमांत पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 के आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 24 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली इस मैराथन में देशभर से धावक हिस्सा लेंगे। आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने गूंजी पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने धावकों की सुरक्षा, मैराथन मार्ग, चिकित्सा सुविधाओं और ठहरने की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने गूंजी में आर्मी, एसएसबी, आईटीबीपी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और निर्धारित जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मैराथन के दौरान धावकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पूरे मार्ग पर चिकित्सकों और एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही धावकों को आवश्यक खाद्य सामग्री और पानी उपलब्ध कराने के लिए स्नैक्स एवं हाइड्रेशन प्वाइंट बनाए जाएंगे। दुर्गम पहाड़ी मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को रास्ते से मलबा और पत्थर हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दौड़ के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिलाधिकारी ने धावकों के ठहरने और अन्य बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया। टेंट, बैठने की व्यवस्था, शौचालय और साफ-सफाई के लिए निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए छियालेख में हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी और संपर्क नंबर जारी किए जाएंगे। डीएम ने स्पष्ट किया कि व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य इस मैराथन को सफल बनाने के साथ आदि कैलाश क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाना भी है। आयोजन से क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं को देशभर में प्रचारित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


