आईटीबीपी कमांडो कविंद्र को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

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बागेश्वर: कपकोट विधानसभा क्षेत्र के भनार गांव निवासी 26 वर्षीय आईटीबीपी जवान कविंद्र राम के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव भनार पहुंचा, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रीय लोग उमड़ पड़े। हर किसी की आंखें नम थीं और गांव का माहौल गमगीन बना रहा।

कविंद्र राम, भीम राम के पुत्र थे और वर्ष 2025 में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में भर्ती हुए थे। वह 58वीं बटालियन में कमांडो के पद पर तैनात थे तथा वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया। हालांकि मौत के कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पिथौरागढ़ के मिरथी से पहुंचे आईटीबीपी जवानों के दल ने सब इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। सरयू-गोमती संगम तट पर 15 जवानों की टीम ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान “भारत माता की जय” और “कविंद्र राम अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण भावुक हो उठा।

कविंद्र राम अपने सरल स्वभाव, मेहनती व्यक्तित्व और संघर्षशील जीवन के लिए जाने जाते थे। उन्होंने पूर्व में बागेश्वर छात्रावास में रहकर पढ़ाई की थी। परिजनों और परिचितों के अनुसार कविंद्र का सपना देश सेवा करना था। इंडियन आर्मी में चयन न होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। आखिरकार उन्होंने आईटीबीपी में चयन हासिल कर देश सेवा का सपना पूरा किया।

क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बेहद कम उम्र में उनका यूं अचानक चले जाना सभी के लिए अविश्वसनीय और पीड़ादायक है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

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