बागेश्वर में बढ़ती वन अग्नि घटनाओं के मद्देनज़र वन विभाग ने सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी है। वन संरक्षक एवं वन अग्नि नोडल अधिकारी टी.आर. बीजू लाल बागेश्वर वन प्रभाग के बागेश्वर के विभिन्न क्रू स्टेशनों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान क्रू स्टेशनों में संधारित पंजिकाओं, अग्निशमन उपकरणों तथा संसाधनों की क्रियाशीलता की बारीकी से जांच की गई।अधिकारियों ने मौके पर कर्मचारियों से तैयारियों की जानकारी लेते हुए किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जोल्कांडे मॉडल क्रू स्टेशन तथा मास्टर कंट्रोल रूम कथायत बाड़ा का निरीक्षण कर सूचना तंत्र और समन्वय प्रणाली की समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी टी.आर. बीजू लाल ने कहा कि वन अग्नि की घटनाओं को रोकना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए फायर वाचरों की सक्रियता, स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग और त्वरित सूचना तंत्र बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगजनी में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोलकांडे क्षेत्र में ग्रामीणों के साथ बैठक कर पिरुल एकत्र करने पर विभागीय दर से भुगतान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे जहां वन अग्नि की घटनाओं में कमी आएगी, वहीं स्थानीय लोगों की आय भी बढ़ेगी और वे वन संरक्षण में भागीदार बनेंगे। प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न ने कहा कि वन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। सभी क्रू स्टेशनों को सक्रिय रखा गया है और उपकरणों की नियमित जांच की जा रही है। हमारा प्रयास है कि वन अग्नि की किसी भी घटना पर तत्काल नियंत्रण पाया जाए और नुकसान को न्यूनतम रखा जाए।उन्होंने यह भी बताया कि सूचना तंत्र को मजबूत करने, संचार उपकरणों की समय-समय पर जांच करने तथा अग्निशमन किट को हमेशा तैयार रखने के निर्देश फील्ड स्टाफ को दिए गए हैं।
