गढ़वाल रेजिमेंट को मिला ऐतिहासिक गौरव, लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि बने देश के तीसरे CDS

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उत्तराखंड। वीर सैनिकों की भूमि उत्तराखंड को एक बार फिर बड़ा सम्मान मिला है। गढ़वाल राइफल्स से लंबे समय तक जुड़े रहे लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि (सेनि) को देश का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से गढ़वाल रेजिमेंट ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर है। खास बात यह है कि गढ़वाल राइफल्स के 139 साल के इतिहास में वह पहले ऐसे अधिकारी बने हैं, जिन्हें फोर स्टार जनरल का पद मिला है।

हालांकि लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि मूल रूप से उत्तराखंड के निवासी नहीं हैं, लेकिन उनका गहरा जुड़ाव गढ़वाल राइफल्स और लैंसडौन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरसीसी) से रहा है। वह 24 अप्रैल 2022 से 27 जून 2025 तक गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट्स के 22वें कर्नल ऑफ द रेजिमेंट रहे। इस दौरान उन्होंने रेजिमेंट के आधुनिकीकरण, सैनिक कल्याण और प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए।

उनका करीब 40 वर्षों का सैन्य अनुभव बेहद शानदार रहा है। उन्होंने 14 दिसंबर 1985 को आठवीं गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया था। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने 16 गढ़वाल राइफल्स, 168 इन्फेंट्री ब्रिगेड, 17 माउंटेन डिवीजन, यूबी एरिया और दो कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों का सफल नेतृत्व किया। इसके अलावा वह मार्च 2023 से जून 2024 तक जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रहे। एक जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक उन्होंने सेना उप प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी निभाई। वर्तमान में वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

गढ़वाल राइफल्स के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि देश के पहले CDS जनरल बिपिन रावत और दूसरे CDS अनिल चौहान भी मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले से रहे हैं। जनरल बिपिन रावत पौड़ी के सैंणा गांव जबकि जनरल अनिल चौहान खिर्सू ब्लॉक के गवाणा गांव के निवासी हैं। अब लगातार तीसरी बार CDS पद से गढ़वाल रेजिमेंट का जुड़ाव उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय बन गया है।

गढ़वाल राइफल्स की उपलब्धियां यहीं तक सीमित नहीं हैं। रेजिमेंट के पूर्व कर्नल ऑफ द रेजिमेंट लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को हाल ही में बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इसके अलावा रेजिमेंट से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी सेना में अहम जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। गढ़वाल राइफल्स के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि रेजिमेंट के 139 वर्षों के इतिहास में पहली बार फोर स्टार जनरल बनने का गौरव मिलना हर वीर भुल्ला के त्याग, परंपरा और समर्पण का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

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