उत्तराखंड। उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में पर्वतारोहण की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। 16 से 23 सितंबर 2026 तक चले पर्वतारोहण अभियान में चार सदस्यीय दल ने 6,106 मीटर ऊंचाई वाले अज्ञात कोल का प्रथम आरोहण किया। दल ने इस नए आरोहित कोल का नाम ‘तिम्फू कोल’ (Timphu Col) रखा है। यह अभियान ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 1926 में Hugh Ruttledge, R. C. Wilson और T. H. Somervell ने तिम्फू ग्लेशियर क्षेत्र का अन्वेषण किया था। उनका उद्देश्य नंदा देवी इनर सैंक्चुअरी तक पहुंचने के संभावित मार्ग की तलाश करना था। करीब एक सदी बाद इसी क्षेत्र में नए कोल का प्रथम आरोहण किया गया है।
21 सितंबर को मिली सफलता
चार सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने 16 सितंबर को तिम्फू ग्लेशियर क्षेत्र में अभियान की शुरुआत की। दल में टीम लीडर जितेंद्र सिंह दानू, डिप्टी लीडर सत्य नारायण बाग, सदस्य एवं समिटिंग टीम के पर्वतारोही प्रवीण सिंह दानू और सदस्य वीरेंद्र सिंह दानू शामिल रहे।
अभियान के दौरान दल ने एक ऐसे अज्ञात कोल की पहचान की, जहां से मां नंदा देवी और मां सुनंदा देवी, उत्तरी नंदा देवी ग्लेशियर तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की कई ऊंची हिमालयी चोटियों के विहंगम दृश्य दिखाई देते हैं।
21 सितंबर 2026 को सुबह 8:45 बजे टीम लीडर जितेंद्र सिंह दानू और प्रवीण सिंह दानू 6,106 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस कोल तक पहुंचे। दल ने इसे प्रथम बार आरोहित करते हुए इसका नाम ‘तिम्फू कोल’ रखा।
कठिन परिस्थितियों में हासिल की उपलब्धि अभियान दल के अनुसार, यह उपलब्धि मां नंदा और मां सुनंदा के आशीर्वाद, टीम के सामूहिक प्रयास और कठिन हिमालयी परिस्थितियों में किए गए साहसिक प्रयास का परिणाम है।
टीम लीडर जितेंद्र सिंह दानू ने बताया कि तिम्फू ग्लेशियर क्षेत्र ऐतिहासिक और पर्वतारोहण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। करीब एक सदी पहले जिस क्षेत्र का अन्वेषण किया गया था, उसी क्षेत्र में नए कोल का प्रथम आरोहण होना उत्तराखंड के हिमालयी पर्वतारोहण इतिहास में एक नया अध्याय है।
अभियान दल ने 23 सितंबर 2026 को अपना अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।
अभियान दल जितेंद्र सिंह दानू टीम लीडर, सत्य नारायण बाग डिप्टी लीडर, प्रवीण सिंह दानू सदस्य एवं समिटिंग, वीरेंद्र सिंह दानू सदस्य, तिम्फू कोल 6,106 मीटर, प्रथम आरोहण — 21 सितंबर 2026, सुबह 8:45 बजे, अभियान — 16 से 23 सितंबर 2026 है.
