‘ज्ञान गुल्लक’ और चेष्टा NGO की पहल, 4K कैमरों के सामने ग्रामीण महिलाओं ने किया लाइव प्रेजेंटेशन, डिजिटल सखी बनकर बढ़ेंगी आगे
**हल्द्वानी/ज्यालीकोट:** नैनीताल जिले के ज्यालीकोट स्थित राजकीय मौन पालन केंद्र में ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। उत्तराखंड के स्टार्टअप **’ज्ञान गुल्लक’** और **चेष्टा NGO** के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल साक्षर बनाकर उन्हें ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और ऑनलाइन ब्रांडिंग से जोड़ना था। कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया, जो मोमबत्ती, जूट बैग, ऐपण कला तथा अन्य स्थानीय उत्पाद तैयार करती हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों को ऑनलाइन बाजार तक पहुंचाने की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर भी विशेष चर्चा हुई। चेष्टा NGO की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए सबसे लंबे **पिछौड़ा** का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इस तरह के पारंपरिक उत्पादों को डिजिटल माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाओं को यह भी बताया गया कि स्थानीय संस्कृति और हस्तशिल्प को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर बेहतर आर्थिक अवसर प्राप्त किए जा सकते हैं।
ज्ञान गुल्लक की संस्थापक एवं अध्यक्ष **पदमा आर्या** ने कहा कि उनकी सोच प्रत्येक ग्रामीण महिला को “डिजिटल सखी” के रूप में तैयार करने की है, ताकि वे अपने हुनर का प्रचार-प्रसार स्वयं कर सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में डिजिटल प्लेटफॉर्म ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आए हैं और यदि सही प्रशिक्षण मिले तो वे अपने उत्पादों को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचा सकती हैं।
कार्यशाला के मुख्य डिजिटल ट्रेनर **मनीष आर्य** ने महिलाओं को सोशल मीडिया, डिजिटल कंटेंट निर्माण, ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की उपयोगिता के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना भी आना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रतिभागियों को कैमरे के सामने बोलने, अपने उत्पादों का परिचय देने और डिजिटल ब्रांडिंग की तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब ग्रामीण महिलाओं ने 4K कैमरों के सामने आत्मविश्वास के साथ फोटोशूट कराया और मंच से अपने उत्पादों का लाइव प्रेजेंटेशन दिया। इस अभ्यास से उनकी झिझक कम करने और सार्वजनिक प्रस्तुति कौशल विकसित करने का प्रयास किया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को डिजिटल मार्केटिंग के महत्व के साथ-साथ भविष्य में ब्रांड सहयोग और ऑनलाइन बिक्री की संभावनाओं से भी परिचित कराया गया।
चेष्टा NGO के सचिव **मुकुल कुमार** ने कहा कि संस्था लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम चला रही है। अब पारंपरिक आजीविका को डिजिटल तकनीक से जोड़कर महिलाओं की आय और पहचान दोनों बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के संचालन में **तुलसी शाह** (प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर) और **मुकेश टम्टा** (डीओपी) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन पर प्रतिभागियों को ज्ञान गुल्लक ऐप का वार्षिक कैलेंडर वितरित किया गया तथा भविष्य के प्रशिक्षण और मूल्यांकन की जानकारी भी दी गई।
