पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, 250 से अधिक लाभान्वित हुए

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बागेश्वर में पशुपालन को बढ़ावा देने और पशुपालकों को चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग की ओर से चारा बीज वितरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत बागेश्वर नगर क्षेत्र स्थित पशुचिकित्सालय में पशुपालकों और किसानों को बरसीम और जई का बीज वितरित किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से 250 से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

विभाग की इस पहल से पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इससे चारे की व्यवस्था करने में होने वाली परेशानी कम होने के साथ ही पशुपालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। डॉ. हेमा राठौर ने बताया कि पशुपालकों और किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बरसीम और जई के बीज वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन में हरे चारे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक हरा चारा मिलने से उनके स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग की ओर से पशुपालकों को चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

लाभार्थी पशुपालक नवीन सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से उन्हें लगातार चारा बीज वितरण का लाभ मिल रहा है। आज भी उन्हें इस पहल का लाभ मिला है।

पशुपालक मंजू देवी ने बताया कि पशुपालन विभाग की ओर से लगातार चारा बीज वितरण का लाभ मिल रहा है। विभाग द्वारा बरसीम और जई के बीज उपलब्ध कराए जाने से पशुपालकों को काफी सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करना पशुपालन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में विभाग की ओर से मिलने वाला बीज पशुपालकों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

पशुपालकों ने विभाग की इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह की योजनाओं से पशुपालन में सहयोग मिलता है। बरसीम और जई के बीज वितरण से पशुपालकों को हरे चारे की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

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