एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा कपकोट अस्पताल,कांग्रेस ने गिनाईं स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियां

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कपकोट/बागेश्वर: कपकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गहरी नाराजगी जताई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरिश ऐठानी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल का निरीक्षण किया, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति अत्यंत चिंताजनक पाई गई। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखाई दी। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि अस्पताल में छह स्वच्छकों की आवश्यकता के बावजूद वर्तमान में केवल एक महिला स्वच्छक कार्यरत है, जिससे पूरे अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। परिसर में कई स्थानों पर चिकित्सा अपशिष्ट और गंदगी देखी गई, जिसे उन्होंने गंभीर लापरवाही करार दिया। डॉक्टरों की कमी को लेकर भी प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताई। बताया गया कि अस्पताल में नौ चिकित्सकों के सापेक्ष सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल एक विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति है और वे भी जिला चिकित्सालय बागेश्वर में सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। तीस बेड वाले इस अस्पताल का बीस बेड का एक पूरा वार्ड कर्मचारियों के अभाव में खाली पड़ा हुआ है। आज वायरल संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के कारण अस्पताल में करीब दो सौ से अधिक मरीज पहुंचे थे, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को इधर-उधर बैठकर इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ओर कपकोट में उप जिला चिकित्सालय की घोषणा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर वर्तमान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मूलभूत व्यवस्थाएं ही संभल नहीं पा रही हैं। उनका कहना था कि केवल घोषणाओं से स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत नहीं होंगी, बल्कि धरातल पर संसाधन और कार्मिक उपलब्ध कराना जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल भवन के सामने वर्षों से खाली पड़ी भूमि का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पिछले पांच वर्षों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। एम्बुलेंस सेवाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, कपकोट ब्लॉक में संचालित दोनों एम्बुलेंस दो लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं और वर्तमान स्थिति में मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं। वहीं खनन मद से मिली दो अन्य एम्बुलेंस के संचालन के लिए चालक, ईंधन और रखरखाव की समुचित व्यवस्था भी नहीं की गई है। निरीक्षण के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने सरकार से अस्पताल में चिकित्सकों, कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मियों की शीघ्र नियुक्ति कर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

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