बागेश्वर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐतिहासिक नुमाइशखेत मैदान में आयोजित मुख्य समारोह देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। ध्वजारोहण के साथ ही राष्ट्रगान से पूरा मैदान गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य समारोह में विभिन्न विद्यालयों के छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। नन्हे कलाकारों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं।सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने देशप्रेम, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश दिया। वही इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर में भव्य प्रभात फेरी निकाली गई। कोतवाली परिसर से शुरू हुई प्रभात फेरी नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए नुमाइशखेत मैदान पहुंची। हाथों में तिरंगा लेकर शामिल लोगों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति के नारे लगाए। भारत माता के जयकारों से नगर का वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। नुमाइशखेत मैदान पहुंचने के बाद नशामुक्ति अभियान के तहत उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि नशा समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने के लिए उन्हें नशे से दूर रखना जरूरी है। उन्होंने सभी से नशे के खिलाफ एकजुट होकर जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।
आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों के योगदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आजादी को बनाए रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। ईमानदारी, अनुशासन, आपसी भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़कर ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
हमारे लिए तिरंगा सिर्फ एक झंडा नहीं, बल्कि देश की शान और पहचान है। आज स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। हमें अपने देश की एकता, संस्कृति और सम्मान को हमेशा बनाए रखना चाहिए और मिलकर भारत को और मजबूत बनाना चाहिए।
