जिलाधिकारी की सख्त निर्देश: दैवीय आपदा मद के कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता व समयबद्धता अनिवार्य

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जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में दैवीय आपदा मद के अंतर्गत मूल्यांकन समिति द्वारा संस्तुत प्रस्तावों की स्वीकृति हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में आपदा जोखिम न्यूनीकरण से संबंधित मिटिगेशन कार्यों तथा नॉन-एसडीआरएफ मदों के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए, जिससे भविष्य में आपदाजनित क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को आपदा मद के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदाई संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप में सटीक एस्टीमेट प्रस्तुत करने तथा लघु सिंचाई विभाग को संशोधित (रिवाइज) प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को थर्ड पार्टी निरीक्षण अनिवार्य रूप से कराने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन कार्यदाई संस्थाओं द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर प्रस्तुत नहीं किया जाएगा, उन्हें आगामी धनराशि निर्गत नहीं की जाएगी। इसके साथ ही सभी कार्यदाई संस्थाओं को रियल-टाइम मॉनिटरिंग के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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