बागेश्वर नुमाइश खेत मैदान में केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने सरस मेले का विधिवत शुभारंभ किया। मेले में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। मेले के माध्यम से स्थानीय काश्तकारों, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार एवं बिक्री का बेहतर मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पिछले दस वर्षों के दौरान महिलाओं की रोजगार एवं स्वरोजगार गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरस मेले जैसे आयोजन स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और रोजगार के अवसरों में और अधिक वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
वहीं, जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे ने मेले के आयोजन को स्थानीय उत्पादों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
मेले में पहुंचे किसान चंद्रशेखर पांडे ने कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों और स्थानीय उत्पादकों के लिए काफी लाभदायक साबित होते हैं। यहां उन्हें अपने उत्पादों की बेहतर बिक्री के साथ ही नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलता है।
वहीं दया दानू ने कहा कि सरस मेले के माध्यम से किसानों और महिलाओं को काफी लाभ मिलता है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलती है और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त होता है।
सरस मेले में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही महिला सशक्तीकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।


