बागेश्वर में इस विभाग का बड़ा अभियान, फल-सब्जियों के 6 और अंडों के 2 नमूने लिए गए

खबर शेयर करें -

बागेश्वर: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजारों में फलों और सब्जियों की मांग बढ़ गई है। इसी के साथ मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन बागेश्वर पूरी तरह सतर्क हो गया है। विभाग ने बुधवार को नगर क्षेत्र में बड़ा जांच अभियान चलाकर कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फल, सब्जियों और अंडों के कुल 8 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार आयुक्त खाद्य संरक्षा तथा जिलाधिकारी बागेश्वर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने बागेश्वर नगर के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी और मॉल क्षेत्र में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान दुकानों में रखे आम, केला, पपीता समेत कई फलों की जांच की गई।

विभाग को आशंका है कि गर्मियों में जल्दी मुनाफा कमाने के लिए कुछ लोग फलों को कृत्रिम तरीके से पकाते हैं। खासतौर पर कैल्शियम कार्बाइड जैसे रसायन का उपयोग स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक माना जाता है। ऐसे फल खाने से पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण टीम ने संदिग्ध फलों के नमूने लिए।

इसके अलावा लौकी, परवल, भिंडी, मिर्च जैसी हरी सब्जियों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि कई बार सब्जियों को ज्यादा ताजा और चमकदार दिखाने के लिए उन पर हानिकारक रंग लगाए जाते हैं। मैलाकाइट ग्रीन जैसे प्रतिबंधित रंगों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। जांच टीम ने फल और सब्जियों के 6 नमूने लिए, जबकि अंडों के 2 नमूने भी संग्रहित किए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को साफ निर्देश दिए गए कि फलों को प्राकृतिक तरीके से पकाया जाए और सब्जियों में किसी भी प्रकार के रंग का प्रयोग न किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और अन्य दंड का प्रावधान है।

विभाग ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बहुत ज्यादा चमकदार, एक समान रंग वाले या असामान्य रूप से हरी सब्जियां खरीदने से बचें। फल और सब्जियां उपयोग से पहले अच्छी तरह धोकर ही खाएं।

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में खाद्य पदार्थ जल्दी खराब होते हैं और मिलावट की शिकायतें भी बढ़ती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में जिले भर में ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Breaking News