दिल्ली-हैदराबाद के फर्जी अफसर बन साइबर ठगों ने एक साल तक बुना जाल, वेतन-बीमा दिलाने का झांसा देकर पूर्व प्रधान से 30.50 लाख की ठगी

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बागेश्वर: जिले के कांडा क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक पूर्व ग्राम प्रधान को सरकारी लाभ दिलाने का झांसा देकर करीब 30.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को पंचायती राज विभाग और निजी फाइनेंस कंपनी के अधिकारी बताकर एक साल तक जाल बुना और अलग-अलग बहानों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

महरुड़ी निवासी खुशाल सिंह ने कांडा थाने में दी तहरीर में बताया कि तीन अप्रैल 2025 को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कुलदीप सिंह ग्रेवाल, उत्तराखंड पंचायती राज विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि पूर्व ग्राम प्रधानों के पांच साल के कार्यकाल का बढ़ा हुआ वेतनमान और 10 लाख रुपये की जीवन बीमा पॉलिसी जारी की जा रही है। आरोपी ने उनके खाते में 4,86,336 रुपये जमा होने की बात कहकर भरोसा जीत लिया।

इसके बाद ठगों ने नैनीताल हाईकोर्ट से एनओसी बनवाने, आरबीआई में खाता खोलने, पेंशन फाइल तैयार करने और नॉमिनी जोड़ने के नाम पर किश्तों में रुपये मांगने शुरू कर दिए। पीड़ित ने अलग-अलग खातों में लाखों रुपये जमा करा दिए। बाद में फाइल हैदराबाद से पास कराने, फिक्स डिपॉजिट चार्ज, इनकम टैक्स, सर्विस टैक्स और टैक्स रिटर्न फार्म भरने के नाम पर भी रकम ली गई। ठगों ने फर्जी बिजनेस दिखाने और उसके रिन्यूअल के नाम पर भी हजारों रुपये ऐंठ लिए।

जून 2025 में आरोपियों ने नया झांसा देते हुए कहा कि उन्हें मिलने वाली धनराशि अहमदाबाद विमान हादसे के पीड़ितों को दे दी गई है और अब इंडियाबुल्स फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भुगतान कराया जाएगा। इसके बाद पीड़ित से एचडीएफसी, आईडीबीआई और एसबीआई कांडा शाखा में नए खाते खुलवाए गए। बैंक लिमिट बढ़ाने और डिमांड ड्राफ्ट बनाने के नाम पर भी रकम जमा कराई गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने एटीएम कार्ड, पिन और चालू सिम कार्ड कूरियर से दिल्ली मंगवा लिए और बाद में खातों से रकम निकाल ली।

जब आरोपियों ने पीड़ित की पत्नी जया देवी की फाइल के नाम पर फिर से 1.90 लाख रुपये मांगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की। सीओ बागेश्वर अजय लाल साह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और साइबर ठगी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है और जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

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