जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मंगलवार को पिथौरागढ़ स्थित सोरगढ़ किला (लंदन फोर्ट) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किले परिसर में फैली गंदगी, अव्यवस्थित व्यवस्थाएं और पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए संबंधित पर्यटन अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि किले परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर कूड़ा फैला हुआ था और पर्यटकों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी पर्याप्त नहीं थीं। इस पर उन्होंने व्यापक सफाई अभियान चलाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और कूड़ा निस्तारण के लिए पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पर्यटकों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक स्थानों पर दिशासूचक और सूचना संबंधी साइन बोर्ड लगाने को भी कहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सोरगढ़ किला जनपद का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल है और यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा परिसर के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और सुव्यवस्थित रखरखाव से ही जिले की सकारात्मक छवि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच बनती है।
इसके बाद जिलाधिकारी ने जिला सूचना कार्यालय पिथौरागढ़ का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने पुस्तकालय में अध्ययन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विद्यार्थियों ने पुस्तकालय में पर्याप्त फर्नीचर नहीं होने की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी। छात्रों की मांग को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नई और सुविधाजनक कुर्सियों सहित आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था शीघ्र करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यालय परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, अभिलेखों को अद्यतन रखने और कार्यालयीय कार्यों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े सभी संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता, गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने को कहा।
