नई दिल्ली। देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षा सीयूईटी-यूजी (CUET-UG) 2026 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। शनिवार को दिल्ली, नोएडा समेत कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी खामियों के कारण परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सर्वर में समस्या और प्रश्नपत्र डाउनलोड न होने की शिकायतों के चलते हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे परीक्षा केंद्रों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि सीयूईटी, नीट और अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को उजागर करती हैं। उन्होंने कहा कि देश को बेहतर और शिक्षित नेतृत्व की आवश्यकता है। वहीं कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी परीक्षा प्रबंधन में हुई लापरवाही को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
विवाद बढ़ने के बाद एनटीए ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तकनीकी समस्या परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीसीएस (TCS) के स्तर पर उत्पन्न हुई थी, जिसे जल्द ही दूर कर लिया गया। एजेंसी ने दोपहर की पाली (शिफ्ट-2) की परीक्षा का समय संशोधित कर शाम 4 बजे कर दिया और प्रभावित छात्रों को परीक्षा पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी उपलब्ध कराया।
एनटीए के अनुसार जिन केंद्रों पर तकनीकी समस्या के कारण परीक्षार्थी प्रभावित हुए, वहां उपस्थित 3,765 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाएगा। एजेंसी ने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सभी प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भी मामले की समीक्षा करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देश में परीक्षा प्रबंधन और एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


