बागेश्वर जिले के अटल उत्कृष्ट पदम सिंह परिहार राजकीय इंटर कॉलेज वज्यूला में मेधावी छात्रा संजना के सम्मान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में 91 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान हासिल करने वाली संजना को विद्यालय परिवार ने “विद्यालय का कोहिनूर सम्मान” देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उसके माता-पिता को भी मंच पर सम्मानित किया गया। संजना की सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि संजना का सपना आईएएस अधिकारी बनकर समाज और देश की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि यह सफलता उसकी मेहनत और लगन का परिणाम है। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे की राह और चुनौतीपूर्ण होगी, इसलिए संजना को अनुशासन और समर्पण के साथ लगातार मेहनत करनी होगी।
विद्यालय के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता आलोक पांडे द्वारा संचालित बुक बैंक से संजना को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कई महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इनमें संविधान, समाज सेवा और एनसीईआरटी आधारित अध्ययन सामग्री शामिल रही। आलोक पांडे ने बताया कि रिटायर्ड कर्नल डीपी डिमरी पहले से ही संजना को छात्रवृत्ति दे रहे हैं और उन्होंने उसकी उच्च शिक्षा तक हरसंभव मदद का भरोसा भी दिया है। विद्यालय के शिक्षक भी उसकी आगे की पढ़ाई में सहयोग के लिए आगे आए हैं।
विद्यालय की शिक्षिका राजेश्वरी कार्की ने बताया कि संजना कक्षा 6 से ही आईएएस बनने का सपना देख रही है। वह पढ़ाई को लेकर हमेशा गंभीर रही और लाइब्रेरी व बुक बैंक से किताबें लेकर लगातार अध्ययन करती रही। उन्होंने कहा कि संजना बेहद साधारण और गरीब परिवार से आती है, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।
संजना ने राजनीतिक विज्ञान विषय में 99 अंक प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बनाया। उसने इसका श्रेय अपने राजनीतिक विज्ञान के शिक्षक चंदन सिंह नेगी को दिया। संजना ने कहा कि शिक्षक के सरल तरीके से पढ़ाने और लगातार मार्गदर्शन ने उसे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
सम्मान समारोह में कक्षा अध्यापिका हिमानी उप्रेती और मुन्नी गोस्वामी ने संजना को एक-एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की। कार्यक्रम में विद्यालय के कई शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। भोलाथल निवासी संजना का स्थानीय व्यापारियों ने भी अभिनंदन किया। इस दौरान संजना ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और विद्यालय से मिले सहयोग को दिया।
