बागेश्वर। नगर क्षेत्र में खुले में मीट अपशिष्ट (कचरा) फेंके जाने की लगातार मिल रही शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिशासी अधिकारी धीरज कांडपाल के नेतृत्व में कोतवाली बैजनाथ और पशुपालन विभाग गरुड़ की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
कड़े निर्देश: दोबारा गलती की तो दुकानें होंगी सीज
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी मीट व्यवसायियों को सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि भविष्य में यदि कोई भी मीट अपशिष्ट खुले में फेंकता हुआ पाया गया, तो संबंधित दुकान को तुरंत सीज कर दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है: “खुले में मीट का कचरा फेंकने से घातक संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा रहता है, जो आम जनता के स्वास्थ्य (Public Health) के साथ खिलवाड़ है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
मीट दुकानों के लिए ज़रूरी मानक (Standard Rules)
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव कुमार ने दुकानदारों को स्वच्छता से जुड़े नियमों की जानकारी दी और बताया कि हर दुकान में निम्नलिखित व्यवस्थाएं होना अनिवार्य है:
साफ पानी: दुकानों में स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो।
सैनिटाइजेशन: मीट काटने वाले उपकरणों की नियमित सफाई की जाए।
कवर और शीशे: मीट को हमेशा साफ कपड़े से ढककर रखा जाए और दुकान में काले शीशों का प्रयोग हो।
सुरक्षा: मक्खियों और कीड़ों से बचाव के लिए जालीदार दरवाजे हों।
इन्फ्रास्ट्रक्चर: दुकान की दीवारें और फर्श टाइल्स युक्त होने चाहिए ताकि सफाई आसानी से हो सके।
12 दुकानदारों पर गिरी गाज, वसूला जुर्माना
अभियान के दौरान नियमों की अनदेखी करने और खुले में अपशिष्ट फेंकने के मामले में टीम ने 12 दुकानदारों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की। मौके पर ही उल्लंघनकर्ताओं से ₹5,200 का अर्थदंड (जुर्माना) वसूला गया।
निरीक्षण टीम में ये रहे शामिल
इस संयुक्त औचक निरीक्षण अभियान में नगर पंचायत गरुड़ के कर्मचारियों सहित निम्नलिखित अधिकारी व पुलिसकर्मी मुख्य रूप से शामिल रहे:
डॉ. शिव कुमार (वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी)
उमेश सिंह (सब इंस्पेक्टर)
राजेंद्र रौतेला
किशन सिंह बिष्ट
दीपक वर्मा
गणेश सिंह सजवान
अजय कुमार
