युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है: NDA की 150वीं पासिंग आउट परेड में महिला कैडेट्स की सेना प्रमुख ने की सराहना

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पुणे। महाराष्ट्र के खड़कवासला स्थित National Defence Academy (NDA) में शनिवार को 150वीं पासिंग आउट परेड (POP) का भव्य आयोजन हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और युवा कैडेट्स को संबोधित करते हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक युद्ध की चुनौतियों और सैन्य नेतृत्व के मूल्यों पर महत्वपूर्ण विचार रखे।

अपने संबोधन में सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने उकसावे का सटीक, दृढ़ और प्रभावी जवाब देने की भारत की क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो तीनों सेनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं और आधुनिक बहु-क्षेत्रीय युद्ध (मल्टी-डोमेन वॉरफेयर) की चुनौतियों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रही हैं।

जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज का सुरक्षा वातावरण तेजी से बदल रहा है, जहां खतरे हमेशा पारंपरिक रूप में सामने नहीं आते। साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) युद्ध जैसे नए क्षेत्र भविष्य के संघर्षों को प्रभावित करेंगे। ऐसे में सैन्य अधिकारियों को तेज सोच, बेहतर निर्णय क्षमता और उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता विकसित करनी होगी।

परेड में शामिल महिला कैडेट्स की सराहना करते हुए सेना प्रमुख ने कहा, “युद्ध हमेशा जेंडर न्यूट्रल होता है। युद्धक्षेत्र में केवल साहस, क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा मायने रखती है।” उनके इस संदेश को उपस्थित अधिकारियों और कैडेट्स ने जोरदार तालियों के साथ सराहा।

उन्होंने पासिंग आउट कैडेट्स को तीन प्रमुख गुणों—रवैया, अनुकूलनशीलता और क्षमता को अपने सैन्य जीवन का आधार बनाने की सलाह दी। इस बार NDA के 150वें कोर्स से 350 से अधिक कैडेट्स भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना में शामिल होने के लिए पास आउट हुए। परेड में महिला कैडेट्स और मित्र देशों के कैडेट्स की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिसने NDA की बढ़ती समावेशिता और वैश्विक सैन्य सहयोग की भावना को प्रदर्शित किया।

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