वेब पोर्टलों की विज्ञापन दरों पर उठे सवाल, एनयूजे ने की पुनर्विचार की मांग

KurmanchalNews
खबर शेयर करें -

हरिद्वार। न्यूज पोर्टलों के सूचीबद्धता और वर्ष 2026-27 के लिए विज्ञापन दरों को लेकर नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे उत्तराखण्ड) ने इसे मौजूदा परिस्थितियों के विपरीत बताया है। यूनियन ने कहा है कि न्यूज पोर्टल की वेबसाइट और सर्वर का खर्च, तकनीकी सेवाएं, कंटेंट तैयार करने वाले पत्रकार व कर्मचारी, कैमरा और वीडियो उपकरण तथा वीडियो एडिटिंग, ग्राफिक्स और समाचार संकलन जैसी व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में विज्ञापन दर घटाया जाना न्यूज पोर्टल संचालकों के हितों के विरूद्ध है।

यूनियन के संरक्षक एवं प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने महानिदेशक सूचना को भेजे पत्र में कहा है कि न्यूज पोर्टलों में विज्ञापन के आकार, स्थान और अवधि में अंतर होने के कारण सभी के लिए समान विज्ञापन दर निर्धारित करना किसी भी दृष्टि से व्यावहारिक नहीं है। वेबसाइटों पर विज्ञापन की प्रमुखता और उसके प्रदर्शन के प्रभाव में भिन्नता के अनुसार विज्ञापन दरों का निर्धारण भी उसी आधार पर किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा जारी नई विज्ञापन व्यवस्था में विभिन्न आकार के बैनर विज्ञापनों के लिए समान 1,200 रुपये की दर निर्धारित की गई है। जिसको लेकर राज्यभर के न्यूज पोर्टल संचालकों में रोष व्याप्त है। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने न्यूज पोर्टलों के लिए घोषित मौजूदा विज्ञापन नीति और दरों पर पुनर्विचार की मांग की है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
Breaking News