कपकोट की दया दानू को मिलेगा वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार, 400 महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर

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बागेश्वर। कपकोट विकासखंड के दूरस्थ गांव बोरबलड़ा की रहने वाली दया दानू का चयन प्रतिष्ठित वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए किया गया है। उनके चयन से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे पूरे बागेश्वर जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है।

दया दानू ने पहाड़ की जलवायु के अनुकूल औषधीय पौध कुटकी के उत्पादन को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाया। उन्होंने स्वयं इस क्षेत्र में कार्य शुरू करने के साथ ही आसपास की महिलाओं को भी इससे जोड़ने का प्रयास किया। आज उनके प्रयासों से क्षेत्र की करीब 400 महिलाएं कुटकी के उत्पादन, संरक्षण और इससे जुड़े कार्यों के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त कर रही हैं।

दया दानू का उद्देश्य केवल खेती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय काम किया। उनके मार्गदर्शन से कई महिलाओं की आय बढ़ी है और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। उनके इस प्रयास ने पहाड़ में रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि दया दानू ने यह साबित किया है कि यदि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग किया जाए तो गांवों में रहकर भी रोजगार और विकास के नए रास्ते खोले जा सकते हैं। वीरांगना तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए उनका चयन उनके वर्षों के समर्पण, मेहनत और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान है। पूरे क्षेत्र से उन्हें लगातार शुभकामनाएं और बधाइयां मिल रही हैं।

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