देहरादून : शासन ने भारतीय वन सेवा एवं वन विभाग के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक फेरबदल करते हुए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की नई तैनाती की है। जारी आदेश में प्रमुख वन संरक्षक से लेकर उप वन संरक्षक स्तर तक 28 अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव बागेश्वर वन प्रभाग में हुआ है। यहां तैनात प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रल का स्थानांतरण पिथौरागढ़ वन प्रभाग में किया गया है। वहीं तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या को बागेश्वर वन प्रभाग का नया डीएफओ बनाया गया है।
आदेश के अनुसार अमित कंवर को मसूरी से चकराता, देवेश कुमार सिंह को चकराता से देहरादून तथा शेखर कुमार को देहरादून से उत्तराखंड वन विकास निगम में तैनाती दी गई है। हिमांशु बांगड़ी को तराई पूर्वी वन प्रभाग से टिहरी, दीपक सिंह को अल्मोड़ा से तराई पूर्वी वन प्रभाग तथा प्रणीत तोमर को टिहरी से तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर भेजा गया है।
इसी तरह आयुष्मान सिंह को पिथौरागढ़ से टिहरी, गोविंद सिंह दानू को लैंसडौन से उत्तरकाशी, अभिमन्यु को नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क जोशीमठ से अल्मोड़ा तथा रजत सुमन को रुद्रप्रयाग से केदारनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रकाश चंद्र बक्शी को उत्तरकाशी से मसूरी, विनीत कुमार को रुद्रप्रयाग, विनोद गुलाटी को चंपावत, गौरव वर्मा को लैंसडौन तथा यश डोभाल को नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क जोशीमठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रणोति रेशमा को बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर में तैनाती दी गई है।
वरिष्ठ स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। नीना गुप्ता को प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव)/मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है। वीके गांगटे को कैंपा का मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा सुरेंद्र मेहरा को नियोजन एवं वित्तीय प्रबंधन का प्रभार दिया गया है। चंद्रशेखर सनवाल को वन संरक्षण नोडल कार्यालय देहरादून में तैनाती मिली है। वहीं नीतू लक्ष्मी को अपर सचिव वन विभाग और कल्याणी को यमुना वृत्त का वन संरक्षक बनाया गया है।
शासन के आदेश में सभी अधिकारियों को अपनी नई तैनाती का कार्यभार तत्काल ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानांतरण के बाद बागेश्वर वन प्रभाग में भी नए डीएफओ की तैनाती से वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़े कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
