बागेश्वर में मनाया गया नो व्हीकल डे, साइकिल चलाकर लोगों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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बागेश्वर:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवाहन और जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अपील पर शनिवार को बागेश्वर जिले में नो व्हीकल डे मनाया गया। सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों ने निजी वाहनों का कम उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान कई लोगों ने पैदल चलना, साइकिल का उपयोग करना और साझा परिवहन का सहारा लेकर इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने जिलेवासियों से सप्ताह के प्रत्येक शनिवार को नो व्हीकल डे मनाने की अपील की थी। उनकी इस पहल को आम जनता, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं का अच्छा सहयोग मिला। दिनभर जिले के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर इस अभियान का प्रभाव साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने अपने निजी वाहनों को घर पर खड़ा रखा और वैकल्पिक साधनों का उपयोग किया।

नो व्हीकल डे के तहत जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश रौतेला ने विशेष रूप से लोगों को जागरूक करने का कार्य किया। वह सुबह अपने ठाकुरद्वारा स्थित आवास से साइकिल लेकर निकले और जिले में बनाए गए चार नो व्हीकल प्वाइंट तक पहुंचे। रास्ते में उन्होंने लोगों को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली के लिए साइकिल चलाने के फायदे बताए। उनके इस प्रयास की लोगों ने सराहना की।

रेडक्रॉस सोसाइटी ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। सोसाइटी की ओर से नो व्हीकल डे में सहयोग करने वाले 50 से अधिक लोगों को सम्मानित किया गया। कांडा टैक्सी स्टैंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट राजेश रौतेला को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे प्रयास बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की प्रेरणा से लोगों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव आलोक पांडे ने कहा कि देश के बड़े शहरों में बढ़ते प्रदूषण से सभी परिचित हैं। यदि समय रहते पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में यहां भी ऐसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ा बदलाव संभव है और नो व्हीकल डे इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

अभियान के दौरान बागेश्वर बाजार में सामान्य दिनों की तुलना में यातायात का दबाव कम दिखाई दिया। लोगों का कहना था कि वाहनों की संख्या घटने से जाम की समस्या में कमी आई और वातावरण भी अपेक्षाकृत स्वच्छ महसूस हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि सप्ताह में एक दिन वाहन का कम उपयोग करने से ईंधन की बचत, वायु प्रदूषण में कमी और लोगों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने सभी जनपदवासियों से भविष्य में भी प्रत्येक शनिवार को नो व्हीकल डे में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही बागेश्वर को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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